ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने के बाद भारत ने AFC अंडर-23 एशियन कप की उम्मीदों को जिंदा रखा

भारत एएफसी अंडर-23 एशियन कप क्वालीफायर के ग्रुप E में किर्गिस्तान को हराकर दूसरे स्थान पर रहा। वे अगले साल के शोपीस में होने वाले टूर्नामेंट के लिए क्वलीफाई करते हैं या नहीं यह रविवार के नतीजों पर निर्भर करता है।

लेखक लक्ष्य शर्मा
फोटो क्रेडिट AIFF Media

भारतीय फुटबॉल टीम ने शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात के फुजैरा स्टेडियम में चल रहे एएफसी अंडर-23 एशियन कप क्वालीफायर के अपने तीसरे और अंतिम मैच में किर्गिस्तान के खिलाफ 0-0 से ड्रॉ खेला। इस रिजल्ट का मतलब था कि भारत और किर्गिस्तान दोनों ग्रुप ई में अंक, हेड टू हेड और गोल अंतर के मामले में संयुक्त अरब अमीरात से पीछे रहे।

हालांकि, चक्वालिफिकेशन प्रक्रिया के लिए दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम का पता चलना जरूरी था इसलिए दूसरे और तीसरे स्थान का फैसला करने के लिए पेनल्टी शूटआउट हुआ। भारत ने ग्रुप E में दूसरा स्थान हासिल करने के लिए शूटआउट 4-2 से जीता और एएफसी अंडर -23 एशियन कप 2022 के लिए क्वालीफाई करने की उनकी उम्मीदों को जिंदा रखा।

यूएई ने दिन में ओमान के खिलाफ अपना मैच जीतने के साथ, भारत ने ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने की उम्मीद के साथ मैच की शुरुआत की।

इगोर स्टिमैक की टीम बुधवार को अपने आखिरी मैच में यूएई से हार गए थे, यहां तक ​​कि मैच के तीन अंक भी भारत को और नीचे धकेल देते।

प्रत्येक ग्रुप की शीर्ष टीमें अगले साल के महाद्वीपीय शोपीस के लिए सीधे क्वालीफाई करती हैं, साथ ही ग्रुप जी को छोड़कर सभी ग्रुप में दूसरे स्थान पर रहने वाली सर्वश्रेष्ठ चार टीमों में केवल 2 आगे बढ़ेंगी।

भारत को अब यह जानने के लिए रविवार को अन्य ग्रुप मैचों के खत्म तक इंतजार करना होगा कि क्या वे अपने पहले एएफसी अंडर-23 एशियन कप के लिए क्वालीफाई करते हैं या नहीं।

भारत और किर्गिस्तान दोनों की ग्रुप में स्थिति एक जैसी रही और इस मैच में भी दोनों ने पहले हाफ में आक्रामक रुख अपनाया।

 भारत के तीन खिलाड़ी  राहुल केपी, रहीम अली और विक्रम प्रताप सिंह ने किर्गिज़ डिफेंस को दबाव में रखा। वहीं व्हाइट फाल्कन्स ने बोरुबेव गुलज़िगिट और अल यगुलोव मकसैट के माध्यम से कई मौके बनाए।

किर्गिस्तान के पास बढ़त में बनाने के लिए कई मौके थे  लेकिन भारतीय गोलकीपर धीरज सिंह के शानदार प्रदर्शन की बदौलत वह अपनी कोशिश में कामयाब नहीं हो पाया। हाफ टाइम तक दोनों टीमों का स्कोर 0-0 था।

दूसरे हाफ में भी दोनों टीमों ने आक्रामक शुरुआत की। धीरज और किर्गिज़ डिफेंडर टोकोटेव एरज़ान दोनों को काफी मेहनतक करनी पड़ी क्योंकि दोनों ही टीमों का ध्यान अब गोल करने पर था।

राहुल केपी के पास भारत को 73वें मिनट में बढ़त नहीं दिलाने का मौका था लेकिन किस्मत उनकी साथ नहीं थी।  दूर से ही उनके शक्तिशाली ड्राइव ने टोकोटेव को पछाड़ दिया लेकिन अंत में गेंद पोल पर जा लगी।

मैच अंत में 0-0 पर समाप्त हुआ, यह सुनिश्चित करते हुए कि दोनों टीमें अपने समूह में हर पहलू में बराबर थीं। इसके बाद दूसरे स्थान के लिए दोनों टीमों के बीच पेनल्टी शूटआउट हुआ, जिसमें भारतीय टीम ने बाजी मारी और 4-2 से जीत हासिल की।

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