एचएस प्रणय ने विश्व चैंपियनशिप के क्वार्टर फाइनल में पहुंचने के लिए स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को कैसे किया दूर?

अनुभवी भारतीय शटलर क्वार्टर फाइनल में सिंगापुर के संभावित चैंपियन लोह कीन यू से हार गए।

लेखक दिनेश चंद शर्मा

अनुभवी भारतीय शटलर एचएस प्रणय (HS Prannoy)ने हाल ही में सम्पन्न हुई विश्व चैंपियनशिप (World Championships) के पुरुष एकल क्वार्टर फाइनल में पहुंचकर बैडमिंटन के नक्शे पर खुद को मजबूत साबित किया है। यह दिल्ली के शटलर के लिए आनंद लेने का क्षण था। क्योंकि, उन्होंने संतोषजनक सफलता हासिल करने से पहले स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं पर काबू पाया था।

2018 विश्व चैंपियनशिप के दौरान उन्हें गैस्ट्रोओसोफेगल रिफ्लक्स रोग (पेट से संबंधित बीमारी) से पीड़ित होने का पता चला था, जिसने उनके प्रशिक्षण को प्रभावित किया। लेकिन चीजें तब और खराब हो गईं, जब नवंबर 2020 में वो कोविड-19 से संक्रमित हो गए और तब से उन्हें इसके प्रभावों का सामना करना पड़ रहा है।

प्रणय ने PTI से कहा, "कोविड के बाद मेरे फेफड़ों में सूजन आ गई थी, मुझे लगातार खांसी हो रही थी। ऐसे में आप किसी भी चीज को नजरअंदाज नहीं कर सकते। मतलब, अगर यह कोई मांसपेशियों से संबंधित चोट हो सकती थी।"

"मैंने लगातार दर्द झेला है। जब भी लंबी रैलियां होती हैं, जब आप सांस लेने के लिए हांफ रहे होते हैं, तो आप मांसपेशियों और हवा का प्रवाह बनाए रखने के लिए जोर लगाते हैं। इससे लाइनिंग में घर्षण होने से दर्द होता है।"

हालांकि, सितंबर में एक विशेषज्ञ के साथ सेशन ने उन्हें खतरनाक वायरस के बाद के प्रभावों से बेहतर तरीके से उबरने में मदद की।

एचएस प्रणय

उन्होंने कहा, "पुष्टि के बाद हमे पता चला कि यह फेफड़े में सूजन थी। दवा की सिफारिश नहीं की गई थी, केवल एक ही रास्ता प्राकृतिक उपचार है। इसलिए, मैंने सांस से संबंधित व्यायाम करने की कोशिश की, अपने आहार में बदलाव किए, जो वैसे भी मुझे करना पड़ा, क्योंकि मुझे पहले आंत की समस्या थी।" 

"सांस से संबंधित व्यायाम से मदद मिली। इससे फर्क पड़ा और मैं 30-40 फीसदी बेहतर हूं। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं।"

इस अवधि के बाद इंडोनेशिया मास्टर क्वार्टर फ़ाइनल में टोक्यो 2020 के स्वर्ण पदक विजेता विक्टर एक्सेलसन (Viktor Axelsen) को हराकर उन्होंने खुद को फिर बेहतर साबित किया।

उन्होंने कहा, "यह अच्छा लगा, एक अच्छा मैच खेले मुझे काफी समय हो गया है। वह बेहद सिलसिलेवार रहा है। कुछ हिस्से थे, जब इसे सीधे गेम में खत्म किया जा सकता था। लेकिन, मैंने लटकाए रखा और जो किया जाना चाहिए था।"  

यह विश्व चैंपियनशिप में उनके प्रदर्शन पर नजर आता है, क्योंकि वह क्वार्टर फाइनल में सिंगापुर के संभावित चैंपियन लोह कीन यू (Loh Kean Yew) से हार गए थे।

प्रणय कहा, “यह एक मुश्किल ड्रा था, मैंने पहले कुछ राउंड में कुछ अच्छे मैच खेले। निचले हाफ से पदक जीतना मुश्किल होने वाला था, लेकिन मुझे इस बात पर गर्व है कि मैं इस हफ्ते क्या कर सका..।''

दुनिया में 26वें नंबर के शटलर अब इंडिया ओपन और सैयद मोदी इंटरनेशनल में अपना सर्वश्रेष्ठ देने पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, ताकि पेरिस 2024 के लिए क्वालीफाई करने के लिए कतार में बने रहे।

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