जानिए, डेनमार्क ओपन में कैसा रहा है पीवी सिंधु का प्रदर्शन ? 

शीर्ष भारतीय शटलर ने अभी तक डेनमार्क ओपन में एक भी खिताब नहीं जीता है, जिसे अब BWF सुपर 750 इवेंट के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा

दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधु (PV Sindhu) 19 से 24 अक्टूबर तक ओडेंस में आयोजित होने वाले डेनमार्क ओपन (Denmark Open) में वापसी करने के लिए तैयार हैं। टोक्यो 2020 में अपना दूसरा ओलंपिक पदक जीतने के बाद यह भारतीय शटलर का पहला टूर्नामेंट होगा। 

डेनमार्क ओपन बैडमिंटन सर्किट पर सबसे पुराने टूर्नामेंटों में से एक है, जिसकी शुरुआत 1935 में हुई थी। जबकि, यह पहले एक सुपर सीरीज़ इवेंट था, इसे 2018 से BWF सुपर 750 इवेंट के रूप में वर्गीकृत किया गया है। 

भारतीय बैडमिंटन खिलाड़ियों ने स्कैंडिनेवियाई देश में कुछ हद तक सफलता का आनंद लिया है, जो खेल के आकर्षण के केंद्र में से एक है। प्रकाश पादुकोण (Prakash Padukone) *1980 में डेनिश ओपन जीतने वाले पहले भारतीय थे। 2012 में *साइना नेहवाल (Saina Nehwal)महिला खिताब जीतने वाली पहली भारतीय बनीं, जबकि *किदांबी श्रीकांत (Kidambi Srikanth) *ने 2017 में पुरुष एकल खिताब पर कब्जा जमाया। 

हालांकि, दो ओलंपिक पदक जीतने वाली एकमात्र भारतीय महिला एथलीट सिंधु इस टूर्नामेंट में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन नहीं कर पाई हैं। 2013 में ओडेंस में पदार्पण करने के बाद 2015 में उपविजेता के रूप में उनका सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन रहा है। 

5'10 लंबी शटलर 2015 में प्रगति पर थी, उन्होंने फाइनल में पहुंचने के लिए अप्रत्याशित प्रदर्शन किया। उन्होंने टोक्यो 2020 में रजत पदक विजेता चीनी ताइपे की ताई त्ज़ु यिंग (Tai Tzu Ying) को 34 मिनट तक चले मुकाबले में 21-12, 21-15 से मात दी। 

सेमीफाइनल में उन्होंने स्पेन की कैरोलिना मारिन (Carolina Marin) के खिलाफ संघर्षपूर्ण मुकाबला किया। पहला गेम 15-21 से हारने के बाद बाएं हाथ की शटलर मारिन ने दूसरा गेम 21-18 से जीतकर प्रतियोगिता में वापसी की। सिंधु ने अंतिम गेम में 21-17 से बढ़त बनाकर एक घंटे 15 मिनट में मैच जीत लिया।

फाइनल में चीन की ली शू रुई (Li Xue Rui) के खिलाफ सिंधु का प्रदर्शन खिताब के सूखे को खत्म करने के लिए पर्याप्त नहीं था। 47 मिनट तक चले मैच में भारतीय को 19-21, 12-21 से हार का सामना करना पड़ा। 

एक साल पहले 19 साल की सिंधु ने डेनमार्क ओपन के क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। वह कोरिया की सिंग जिह्युन (Sing Jihyun) के खिलाफ 23-25, 20-22 से हार गईं। 

हालांकि, भारतीय ने ओडेंस में फॉर्म के लिए पांच साल तक संघर्ष किया है। डेनमार्क ओपन में वो 2019 में दूसरा राउंड में, 2018 में पहले राउंड में, 2017 में पहले राउंड में और 2016 में दूसरे राउंड में पहुंची हैं। वह अपनी वापसी पर बहुत बेहतर करने की उम्मीद करेंगी। 

26 वर्षीय सिंधु ने इस सप्ताह की शुरुआत में कहा था, “सर्किट में वापसी करने के बाद (सुदीरमन कप और मौजूदा उबेर कप स्पर्धाओं को छोड़ने के बाद) मेरे सामने सबसे बड़ी चुनौती है, ध्यान केंद्रित करना और उन सभी नई युक्तियों को लागू करना, जो मैंने सोची हैं। मेरे खेल की लगातार समीक्षा करने और मेरे हाल के सभी मैचों के वीडियो देखने के लिए पार्क और मेरे पिता का धन्यवाद।” 

उन्होंने कहा, "मैं एक ब्रेक के बाद कड़ी मेहनत कर रही हूं और एक पूर्ण खिलाड़ी बनने के लिए खेल के हर पहलू पर ध्यान केंद्रित कर रही हूं।"