विश्व एथलेटिक्स अंडर-20 चैंपियनशिप में कैसा रहा भारत का प्रदर्शन ?

नीरज चोपड़ा ने अंडर-20 इवेंट में भारत के लिए जीता था पहला स्वर्ण पदक।  

लेखक दिनेश चंद शर्मा
फोटो क्रेडिट Michael Steele

भले ही विश्व के सर्वश्रेष्ठ खेलों पर से पर्दा गिर गया हो, लेकिन यह समय आने वाले सितारों के लिए केंद्र में आने का है। केन्या, नैरोबी में 17 से 22 अगस्त तक 2021 विश्व एथलेटिक्स अंडर—20 चैंपियनशिप की मेजबानी करेगा।

भारत ने इस आयोजन में अब तक कुल चार पदक जीते हैं, जिसमें नीरज चोपड़ा ने 2016 में जूनियर विश्व रिकॉर्ड थ्रो के साथ देश का पहला स्वर्ण पदक जीता था। जानें, चैंपियनशिप में पोडियम पर पहुंचने वाले भारतीय सितारों के बारे में:

सीमा पूनिया (Seema Punia)

सीमा पूनिया ने टोक्यो 2020 में अपने चौथे ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व किया। वह एलीट जूनियर इवेंट में पदक जीतने वाली देश की पहली खिलाड़ी थीं।

उस समय 18 वर्ष की आयु में पूनिया ने किंग्स्टन, जमैका में आयोजित 2002 विश्व एथलेटिक्स अंडर—20 चैंपियनशिप में डिस्कस थ्रो में 55.83 मीटर का सर्वश्रेष्ठ प्रयास दर्ज करते हुए कांस्य पदक जीता था।

यह डिस्कस थ्रोअर के लिए पहला बड़ा पदक था। उन्होंने 2014 इंचियोन में एक स्वर्ण और राष्ट्रमंडल खेलों में चार पदक- तीन रजत और एक कांस्य सहित एशियाई खेलों में दो पदक जीते हैं।

नवजीत कौर ढिल्लों (Navjeet Kaur Dhillon)

नवजीत कौर ढिल्लों ने यूजीन, ओरेगन, यूएसए में आयोजित 2014 चैंपियनशिप की डिस्कस थ्रो स्पर्धा में कांस्य पदक जीता।

19 वर्षीय ने डिस्कस को 56.36 मीटर की दूरी तक थ्रो कर कांस्य पदक जीता, यह उनका व्यक्तिगत सर्वश्रेष्ठ था। The Amritsar athlete  

अमृतसर की एथलीट ने 2018 गोल्ड कोस्ट कॉमनवेल्थ गेम्स में डिस्कस में कांस्य पदक जीता।

नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra)

नीरज चोपड़ा ने केवल 18 साल की उम्र में पोलैंड के ब्यडगोस्ज़कज़ में 2016 चैंपियनशिप में 86.48 मीटर पर जेवलिन थ्रो कर अंडर—20 विश्व रिकॉर्ड बनाया।

उनका थ्रो काफी अच्छा था, जिससे उन्हें रियो 2016 ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने में मदद मिली। लेकिन, भारतीय खिलाड़ी क्वालीफिकेशन की समय सीमा से चूक गए थे।

हालांकि, चोपड़ा ने हाल ही में समाप्त हुए टोक्यो 2020 ओलंपिक खेलों में 87.58 मीटर के थ्रो के साथ स्वर्ण जीतकर धूम मचा दी। वह ट्रैक और फील्ड में पदक जीतने वाले पहले भारतीय बने और व्यक्तिगत ओलंपिक स्वर्ण जीतने वाले दूसरे भारतीय हैं।

IAAF वर्ल्ड अंडर-20 चैंपियनशिप के फ़ाइनल में वुमेंस 400 मीटर का गोल्ड मेडल जीतने के बाद जश्न मनाती हुई भारतीय धावक हिमा दास

हिमा दास (Hima Das)

फ़िनलैंड के टाम्परे में 2018 चैंपियनशिप में 400 मीटर वर्ग में हिमा दास स्वर्ण पदक विजेता थीं।

उस समय 18 वर्षीय दास ने 52.25 सेकेंड के समय के साथ हीट्स में शीर्ष स्थान हासिल किया। 52.10 सेकेंड के समय के साथ सेमीफाइनल में और 51.46 सेकेंड में फाइनल जीतकर स्वर्ण पदक जीता।

वर्तमान में भारत में सबसे करिश्माई एथलीटों में से एक दास ने सीनियर स्टेज पर भी अपनी काबिलियत साबित की है। उन्होंने 2018 एशियाई खेलों में तीन पदक जीते: महिलाओं की 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण, मिश्रित 4x400 मीटर रिले में स्वर्ण और 400 मीटर में रजत पदक।