FIH हॉकी पुरुष जूनियर विश्व कप 2021: फ्रांस ने भारत को हराकर कांस्य पदक जीता

भारतीय हॉकी टीम को प्ले-ऑफ में तीसरे स्थान के मैच में फ्रांस से 3-1 से हार का सामना करना पड़ा, सुदीप चिरमाको अपने जन्मदिन पर भारत की ओर से एक-मात्र गोल करने वाले खिलाड़ी रहे।

लेखक रौशन कुमार
फोटो क्रेडिट Hockey India

भारतीय हॉकी टीम रविवार को भुवनेश्वर के कलिंगा स्टेडियम में FIH हॉकीं पुरुष जूनियर विश्व कप 2021 में कांस्य पदक के मैच में फ्रांस से 3-1 से हार गई।

फ्रांस के कप्तान तिमोथी क्लेमेंट ने गोल की हैट्रिक लगाई जबकि भारत की ओर से अपने जन्मदिन पर सुदीप चिरमाको एक-मात्र गोल किया। 

फ्रेंच टीम ने भारत को पहले ग्रुप मैच में भी 5-4 से हराया था,  भारतीय टीम ने उस मैच को ध्यान में रखते हुए खेल के शुरुआती दौर में अच्छा प्रदर्शन किया। मैच के शुरुआत में ही भारतीय खिलाड़ी संजय के पेनाल्टी का फ्रेंच गोलकीपर गिलौम डी वौकेलेस ने शानदार बचाव किया।

खेल के 12वें मिनट में अराईजीत सिंह हुंडल ने शानदार स्टिक वर्क दिखाते हुए डी वौकेलेस को छका दिया और फ्रांस पेनाल्टी घेरे में पहुंच गए पर गोल करने में नाकामयाब रहे।

फ्रांस ने खेल में वापसी करते हुए पहले क्वार्टर के अंत में लागातार तीन पेनाल्टी जीते। पहले 15 मिनट के खेल के बाद भारतीय टीम ने फ्रांस को एक भी गोल नहीं करने दिया और स्कोर को बराबरी पर रखा।

दूसरे क्वार्टर में फ्रांस की टीम ने अक्रमकता दिखाई और भारत पर दबाव बनाया। खेल के 26वें मिनट में फ्रांस के कप्तान तिमोथी ने अपने टीम द्वारा बनाए गए दबाव का फायदा उठाया और पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में तब्दिल कर हाफ-टाइम से पहले फ्रेंच टीम को लीड दिला दी।

दूसरे हाफ में फ्रांस ने भारतीय डेफेंडरों पर लगातार दबाव बनाए रखा और गोल के कई मौके बनाए पर भारतीय कस्टोडियन प्रशांत चौहान ने एक भी गोल नहीं होने दिया। हालांकि, प्रशांत के बचाव के बावजूद फ्रांस के कप्तान तिमोथी ने खेल के 35वें मिनट में गोल के अवसर बनाए।

फ्रेंच कप्तान ने पेनाल्टी कॉर्नर को ड्रैग फ्लिक लगाकर स्कोर को 2-0 कर दिया।

भारतीय टीम काफी दबाव में थी लेकिन सुदिप ने टीम के लिए उम्मीद जगाई। अपने 19वें जन्मदिन पर सुदिप ने मैच के 42वें मिनट में शानदार रिवर्स फ्लिक लगाकर भारतीय टीम का खाता खोला और स्कोर को 2-1 कर दिया।

भारतीय टीम मैच में वापसी करने के लिए पूरी तरह से तैयार थी पर फ्रेंच कप्तान तिमोथी ने चौथे क्वार्टर के शुरुआत में ही एक और पेनाल्टी कॉर्नर को गोल में बदल कर भारतीय टीम को झटका दिया।

फ्रांस की टीम 3-1 के स्कोर के साथ पूरे कंट्रोल में थी और उनकी प्रयास कुछ और गोल करने की थी लेकिन भारतीय गोलकीपर प्रशांत के कुछ शानदार सेव ने ऐसा होने नहीं दिया।

सुदीप के प्रयास के अलावा और भारतीय टीम ने कई और मौके बनाए पर उसे गोल में तब्दिल नहीं कर पाए और 3-1 से फ्रांस ने इस मैच को जीत लिया।

भारतीय टीम ग्रुप स्टेज में दूसरे स्थान पर रह कर नॉकआउट में प्रवेश किया था। क्वार्टरफाइनल में भारतीय टीम ने बेल्जियम को हराया था, लेकिन सेमीफाइनल में उन्हें जर्मनी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।

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