भारतीय युवा क्रॉस कंट्री स्कियर Bhavani से मिली Marit Bjoergen 

शीतकालीन ओलंपिक खेलों के इतिहास में सबसे ज़्यादा पदक जीतने वाली नॉर्वे की महान क्रॉस कंट्री स्कीयर Bjoergen ने किया Bhavani Thekkada का प्रोत्साहन। 

भारत के लिए शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भाग लेने वाली पहली सिविलियन क्रॉस कंट्री खिलाड़ी बनने का सपना देखने वाली Bhavani Thekkada के लिए 15 दिसंबर का दिन उनके जीवन के सबसे यादगार दिनों में से एक रहेगा। नॉर्वे में अभ्यास कर रही Bhavani की मुलाकात शीतकालीन ओलंपिक खेलों के इतिहास की सबसे महान खिलाड़ी Marit Bjoergen से हुई।

बीजिंग 2022 शीतकालीन खेलों में अपना स्थान न बना पाने के बाद Bhavani की नज़र अब 2026 में होने वाले मिलान खेलों पर है और वह इस समय नॉर्वे में अभ्यास कर रही हैं। पिछले बुधवार 15 दिसंबर के दिन उनका वह सपना पूरा हुआ जो Bhavani बहुत सालों से देख रही थी।

नॉर्वे की क्रॉस कंट्री स्कीयर Bjoergen भारत की युवा खिलाड़ी से मिली और उन्हें प्रोत्साहित करते हुए कहा कि परिश्रम और दृढ़ निश्चय की सहायता से Bhavani निश्चित रूप से इतिहास रच सकती हैं।

Bhavani 2

"मुझे मेरे कोच ने कहा था कि एक महिला मुझे मिलने आने वाली हैं लेकिन यह नहीं बताया कि वह कौन हैं। अपना अभ्यास सत्र पूरा करने के बाद मैंने अपने कोच से पूछा कि वह कौन महिला हैं जो मुझसे मिलना चाहती हैं और तब उन्होंने कहा पीछे देखो। जब मैंने पीछे देखा तो Marit वहां खड़ी हुई थी। मुझे उन्हें देख कर बहुत ज़्यादा ख़ुशी हुई क्योंकि वह शुरू से ही मेरी प्रेरणा स्त्रोत रही हैं। मैंने उनकी लगभग सारी ओलंपिक रेस देखी हैं और उन्होंने मुझे हमेशा अपना लक्ष्य पाने की प्रेरणा दी है।"

Bhavani Picture

शीतकालीन ओलंपिक खेलों में 15 पदक जीतने वाली Marit Bjoergen पूरे विश्व के लिए एक महान खिलाड़ी और प्रेरणा स्त्रोत हैं और उन्होंने Bhavani को न केवल प्रोत्साहन दिया बल्कि अपनी जीवनी हस्ताक्षर के साथ प्रस्तुत भी की।

अपनी वार्तालाप के बारे में Bhavani ने कहा, "मैंने उनसे 20-25 बात की और वह मेरे लिए एक सपने जैसा था क्योंकि Marit मेरे लिए हमेशा एक आदर्श रही हैं।"

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