टोक्यो की सफलता के बाद भारत के ओलंपिक पदक विजेता कैसे हो रहे हैं तैयार? 

उनमें से अधिकांश ने फिर से प्रशिक्षण शुरू कर दिया है, तो कुछ ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भाग लिया है। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा
फोटो क्रेडिट 2021 Getty Images

भारत ने टोक्यो में ओलंपिक के लिए 127 एथलीटों का अपना सबसे बड़ा दल भेजा था। उम्मीद की जा रही थी कि देश इतिहास रच कर पदक तालिका में दहाई के अंक तक पहुंच सकती है। हालांकि, भारत ने एक स्वर्ण, दो रजत और चार कांस्य पदक के साथ ओलंपिक में अपना अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन दर्ज किया। 

नीरज चोपड़ा (Neeraj Chopra) ने ट्रैक और फील्ड स्पर्धाओं में पहली बार स्वर्ण जीतकर सुर्खियां बटोरीं। तीसरे स्थान के प्लेऑफ़ में जर्मनी को हराकर कांस्य पदक जीतने के बाद भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने काफी हद तक उम्मीदों को पूरा किया। जबकि, रवि कुमार दहिया (Ravi Kumar Dahiya) और मीराबाई चानू (Mirabai Chanu) ने क्रमश: कुश्ती और भारोत्तोलन में रजत पदक जीता। 

भारत की बैडमिंटन सनसनी पीवी सिंधु (PV Sindhu) ने अपने प्रशंसकों को निराश नहीं किया। क्योंकि, उन्होंने चीन की ही बिंग जिओ (He Bing Jiao) को हराकर लगातार दूसरा ओलंपिक पदक, कांस्य पदक जीता। वहीं, बॉक्सर लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) और पहलवान बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) भी तीसरे स्थान पर रहे। 

जैसे ही एथलीट भारत लौटे, तो उन्हें शानदार सफलता के लिए सम्मानित किया गया। यहां तक कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी उनमें से प्रत्येक को व्यक्तिगत रूप से बधाई दी। चोपड़ा के आसपास उन्माद सबसे ज्यादा था। क्योंकि, उन्होंने स्वर्ण पदक हासिल किया था। हालांकि, टोक्यो में सबसे भव्य खेल आयोजन पर पर्दा गिरे हुए 75 दिन से अधिक का समय बीत चुका है और एथलीट स्पर्धा में लौट आए हैं।  

*आइए, जानें कि पदक विजेता आने वाली चुनौतियों के लिए खुद को कैसे तैयार कर रहे हैं। *

*नीरज चोपड़ा *

श्रेष्ठ जेवलिन थ्रोअर ने 7 अगस्त को ऐतिहासिक स्वर्ण पदक जीतने के लगभग ढाई महीने बाद एक बार फिर प्रशिक्षण पिच पर कदम रखा है। वह पंजाब के पटियाला में राष्ट्रीय खेल संस्थान (NIS) में एथलेटिक्स राष्ट्रीय शिविर में शामिल हो गए हैं, जो 15 अक्टूबर से शुरू हुआ और 31 दिसंबर तक चलने की उम्मीद है। 

चोपड़ा अपने राष्ट्रमंडल खेलों और एशियाई खेलों के खिताब की बचाव करना चाहेंगे और अगले साल जुलाई में विश्व चैंपियनशिप पर भी नजरें गड़ाए हुए हैं। भारतीय जेवलिन थ्रोअर बायोमैकेनिक्स विशेषज्ञ डॉ. क्लाउस बार्टोनिट्ज़ (Dr. Klaus Bartonietz) के साथ प्रशिक्षण जारी रखेंगे। 

*रवि कुमार दहिया *

टोक्यो 2020 के रजत पदक विजेता रवि कुमार दहिया करीब दो महीने के आराम के बाद अपना प्रशिक्षण फिर से शुरू करने के लिए मैट पर लौट आए हैं। हालांकि, वह अभ्यास की कमी के कारण नॉर्वे के ओस्लो में 2 से 10 अक्टूबर तक आयोजित 2021 विश्व कुश्ती चैंपियनशिप से हट गए थे। 

दहिया ने एक हफ्ते पहले ही Olympics.com को बताया, "हमने ट्रेनिंग शुरू कर दी है। लेकिन, मेरा मकसद अपनी कमजोरियों पर ध्यान देना और आगामी प्रतियोगिताओं से पहले बेहतर तरीके से आगे बढ़ना है।" 

उन्होंने कहा, "लक्ष्य पहले एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों (CWG) के ट्रायल के माध्यम से चुना जाना है। फिर दोनों स्पर्धाओं में पदक जीतने का लक्ष्य है। यह सबसे बड़ी बात होगी।" 

*मीराबाई चानू *

मणिपुरी भारोत्तोलक ने सितंबर में ही फिर से प्रशिक्षण शुरू दिया। वह पेरिस 2024 में स्वर्ण जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं और चीन के होउ झिहुई में मुख्य प्रतिद्वंद्वी को मात देने के लिए अपनी तकनीक को बदलने के लिए कड़ी मेहनत कर रही हैं। 

उनके कोच विजय शर्मा (Vijay Sharma) ने Olympics.com को बताया, "हमारा स्नैच कमजोर है। हम इसमें सुधार करने की कोशिश कर रहे हैं। ताकत में कोई समस्या नहीं है। क्लीन एंड जर्क एक ताकत वाला आयोजन है और स्नैच एक तकनीकी आयोजन है। हमारे पास ताकत ज्यादा है। लेकिन, अब हम स्नैच तकनीक में सुधार के लिए अपना दिमाग लगाने की कोशिश कर रहे हैं।” 

*पीवी सिंधु *

शटलर ने न केवल अभ्यास के लिए कोर्ट में कदम रखा है, बल्कि डेनमार्क ओपन में भी अपनी उपस्थिति दर्ज कराई है। हालांकि, वह शुक्रवार को अपने महिला एकल क्वार्टर फाइनल में दक्षिण कोरिया की आन सियांग (An Se-Young) से 21-11, 21-12 से हारने के बाद टूर्नामेंट से बाहर हो गईं। 

लवलीना बोरगोहेन  

मुक्केबाज ने महिलाओं की राष्ट्रीय चैंपियनशिप को छोड़ने का फैसला किया है, लेकिन अपनी व्यक्तिगत क्षमता में प्रशिक्षण लेना शुरू कर दिया है। 

उनकी कोच संध्या गुनुंग ने सितंबर में पहले Olympics.com से कहा था, "वह स्ट्रेंथिंग प्रशिक्षण ले रही हैं। मैंने उसे फिट होने के लिए कहा, ताकि जब प्रशिक्षण शुरू हो, तो कोई बहाना न हो। वह नेशनल्स खत्म होने के बाद पूर्ण प्रशिक्षण पर वापस आ जाएगी। अभी फिटनेस पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।"  

पुरुष हॉकी टीम

41 साल बाद ओलंपिक में पदक जीतने के बाद भारतीय हॉकी टीम ने दो महीने का ब्रेक लिया। अक्टूबर की शुरुआत में उन्होंने कोच ग्राहम रीड (Graham Reid) के मार्गदर्शन में फिर से प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। 

ऑस्ट्रेलियाई कोच ने कहा, "फिलहाल हमारा पूरा ध्यान इस साल दिसंबर में होने वाली एशियाई चैंपियंस ट्रॉफी पर है और महीने भर चलने वाला यह शिविर मुख्य रूप से खिलाड़ियों की शारीरिक स्थिति में सुधार लाने पर केंद्रित होगा।"

*बजरंग पूनिया *

टोक्यो 2020 कांस्य पदक विजेता ने घुटने की चोट से उबरने के बाद फिर से प्रशिक्षण शुरू कर दिया है। लेकिन, वह इस साल किसी प्रतियोगिता में भाग नहीं लेंगे और अपने लेग डिफेंस पर काम करने के साथ-साथ अपनी फिटनेस को भी बढ़ाना चाहेंगे। 

उन्होंने कुछ दिन पहले कहा, "मेरा घुटना अब ठीक है। मैंने अभी दो दिन पहले ही ट्रेनिंग शुरू की है। मैं अच्छा महसूस कर रहा हूं, लेकिन मैं इस साल किसी भी इवेंट में हिस्सा नहीं लूंगा।"

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