ज्योति याराजी ने 100 मीटर हर्डल रेस में नेशनल रिकॉर्ड तोड़कर जीता स्वर्ण पदक

लिमासोल मीट में लिली दास ने महिलाओं की 1500 मीटर रेस में जीत दर्ज की। वहीं, पुरुषों की 200 मीटर रेस में अमलान बोरगोहेन ने कांस्य पदक जीता।

लेखक रितेश जायसवाल
फोटो क्रेडिट Athletics Federation of India

लिमासोल में आयोजित साइप्रस अंतरराष्ट्रीय एथलेटिक्स मीट 2022 में भारत की ज्योति याराजी ने मंगलवार को महिलाओं की 100 मीटर हर्डल रेस में स्वर्ण पदक अपने नाम किया। उन्होंने स्वर्ण पदक जीतने के लिए 20 साल से काबिज नेशनल रिकॉर्ड को तोड़ते हुए इस रेस की फिनिश लाइन को 13.23 सेकेंड में पार किया।

ज्योति ने अनुराधा बिस्वाल का रिकॉर्ड तोड़ा है, जो उन्होंने 13.38 सेकेंड का समय दर्ज करते हुए 2002 में बनाया था।

दिलचस्प बात यह है कि ज्योति ने पिछले दो सालों में तीसरी बार बिस्वाल के नेशनल रिकॉर्ड को पीछे छोड़ा है। लेकिन उनके पहले दो प्रयासों को तकनीकी स्तर पर अमान्य करार दिए जाने के कारण नेशनल रिकॉर्ड के रूप में नहीं गिना गया था।

ज्योति याराजी ने साल 2020 में कर्नाटक के मूदबिद्री में आयोजित ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी एथलेटिक्स चैंपियनशिप में 13.03 सेकेंड में रेस खत्म किया था। हालांकि, इसे नेशनल रिकॉर्ड के रूप में अस्वीकार्य कर दिया गया क्योंकि, इस मीट में नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी ने उनकी जांच नहीं की थी। इसके अलावा इस मीट में भारतीय एथलेटिक्स महासंघ (AFI) की ओर से कोई तकनीकी प्रतिनिधि भी मौजूद नहीं था। 

आंध्र प्रदेश की 22 वर्षीय एथलीट ने पिछले महीने कोझीकोड में फेडरेशन कप के दौरान 13.09 सेकेंड का समय लिया था। हालांकि, रन के दौरान हवा की गति +2.1 मीटर प्रति सेकंड होने के कारण इसे भी नेशनल रिकॉर्ड के रूप में अयोग्य करार दिया गया था। हवा की यह गति +2.0 मीटर प्रति सेकेंड की मानक गति से मामूली रूप से ऊपर थी।

हालांकि, ज्योति को तीसरी बार सफलता मिली और इस बार उनका प्रयास अमान्य नहीं हुआ। लिमासोल मीट में रन के दौरान हवा की गति निर्धारित सीमा से -0.01 मीटर प्रति सेकेंड कम थी। 

ज्योति के इस प्रयास ने एशियाई खेल 2022 के क्वालीफाइंग मानक (13.30) को भी पीछे छोड़ दिया। हालांकि, उनका यह प्रयास राष्ट्रमंडल खेल (13.11) या विश्व एथलेटिक्स चैंपियनशिप (12.84) के मार्क को पीछे छोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं था।

साइप्रस की नतालिया क्रिस्टोफी ने 13.34 सेकेंड के समय के साथ रजत पदक जीता जबकि ग्रीक एथलीट अनाइस कारगियानी ने 13.47 सेकेंड के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

लिमासोल इंटरनेशनल मीट, विश्व एथलेटिक्स कॉन्टिनेंटल टूर चैलेंजर के डी कैटेगरी का इवेंट है। इस इवेंट में ज्योति याराजी का स्वर्ण पदक भारत का एकमात्र पदक नहीं है, बल्कि इस प्रतियोगिता में प्रतिस्पर्धा करने वाले चार भारतीय एथलीट में से तीन ने पदक जीते हैं।

महिलाओं की 1500 मीटर रेस में लिली दास ने जीत दर्ज की। उन्होंने 4:17.79 सेकेंड के समय के साथ पुर्तगाल की कैमिला गोम्स (4.17.92) को हराया। साइप्रस की नतालिया इवेंजेलिडो ने 4:26.64 के साथ कांस्य पदक जीता।

पुरुषों की 200 मीटर रेस में, भारत के अमलान बोरगोहेन ने ग्रेट ब्रिटेन के रीस प्रेस्कॉड (20.55) और डच स्प्रिंटर जावी मो-अजोक (21.10) से पीछे रहे। उन्होंने 21.32 सेकेंड के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया। अमलान ने पिछले महीने फेडरेशन कप में 20.52 सेकेंड के साथ 200 मीटर रेस में नेशनल रिकॉर्ड बनाया।

पुरुषों की 800 मीटर रेस में अनु कुमार को खाली हाथ लौटना पड़ा। अनु कुमार 3:21.05 के प्रयास के साथ सातवें स्थान पर रहे।

साइप्रस इंटरनेशनल एथलेटिक्स मीट 2022 लिमासोल: भारत के पदक विजेता

ज्योति याराजी – स्वर्ण पदक (वूमेंस 100 मीटर हर्डल रेस)

लिली दास – स्वर्ण पदक (वूमेंस 1500 मीटर)

अमलान बोरगोहेन – कांस्य पदक (मेंस 200 मीटर)

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