कॉमनवेल्थ गेम्स 2022, महिला हॉकी: भारत को इंग्लैंड के खिलाफ 3-1 से मिली हार

भारत की ओर से एकमात्र गोल मैच के अंतिम पलों में वंदना कटारिया ने पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से किया। वहीं, गिसेल एंसले, टीस होवार्ड और हैना मार्टिन के गोल की मदद से इंग्लिश टीम पूल ए के शीर्ष पर पहुंच गई।

लेखक रौशन प्रकाश वर्मा
फोटो क्रेडिट 2022 Getty Images

ब्रिटेन के बर्मिंघम में जारी राष्ट्रमंडल खेल 2022 के महिला हॉकी प्रतिस्पर्धा में पूल ए के अपने तीसरे मुकाबले में भारतीय महिला हॉकी टीम को इंग्लैंड के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा। भारतीय टीम को मैच में आधा दर्जन से अधिक पेनल्टी कॉर्नर के मौके मिले लेकिन वे एक भी मौके को गोल में नहीं बदल सकीं।

भारत की ओर मैच में सिर्फ वंदना कटारिया (60वें मिनट में) ने एक गोल किया। वहीं, इंग्लैंड की ओर से गिसेल एंसले (दूसरे मिनट में), टीस होवार्ड (40वें मिनट में) और हैना मार्टिन (53वें मिनट में) ने गोल किया। यूनिवर्सिटी ऑफ बर्मिंघम के हॉकी और स्क्वैश सेंटर में इंग्लैंड और भारत के बीच एक रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। हालांकि, बेहतरीन प्रदर्शन के बाद भी भारतीय टीम जीत दर्ज करने में सफल नहीं हो सकी।

मैच के शुरुआती दौर में इंग्लैंड की टीम ने गेंद पर अपना नियंत्रण बनाए रखा। जल्दी ही उन्हें इसका फायदा दूसरे मिनट में पेनल्टी कॉर्नर के रूप में मिला। इस मौके को इंग्लैंड की टीम भुना नहीं पाई लेकिन भारत की सलीमा टेटे के ब्लॉक के कारण उन्हें एक और पेनल्टी कॉर्नर मिला जिसपर गिसेल एंसले ने गोल दाग दिया। इसके बाद भारतीय टीम ने पलटवार करते हुए लगातार गोल का प्रयास किया।

पहले क्वार्टर के 12वें मिनट में निक्की प्रधान ने फील्ड गोल का अच्छा प्रयास किया लेकिन इंग्लैंड की गोलकीपर ने उनकी कोशिश को नाकाम कर दिया। पहले क्वार्टर के खत्म होने से ठीक पहले भारत को मैच का पहला पेनल्टी कॉर्नर मिला लेकिन गुरजीत कौर इसे गोल में तब्दील नहीं कर सकीं।

दूसरे क्वार्टर में भारतीय टीम ने आक्रामक शुरुआत की और लगातार इंग्लिश गोलपोस्ट पर हमला किया। 18वें मिनट में मोनिका ने रिवर्स शॉट लगाया लेकिन वह गेंद को गोल तक नहीं पहुंचा सकीं। इसके बाद संगीता कुमारी का फील्ड गोल का प्रयास भी असफल हो गया।

भारतीय महिला टीम को 22वें मिनट और 26वें मिनट में पेनल्टी कॉर्नर का मौका मिला, जिसे दीप ग्रेस एक्का और गुरजीत कौर गोल में नहीं बदल सकीं। इसके बाद लालरेम्सियामी, नेहा और नवनीत कौर का प्रयास भी असफल रहा। इस तरह दूसरे क्वार्टर में कई कोशिशों के बाद भी भारत की ओर से कोई गोल नहीं किया जा सका और हाफ टाइम तक स्कोर 1-0 ही रहा।

हाफ टाइम के बाद तीसरे क्वार्टर में भारतीय महिला टीम अपने पहले गोल की तलाश में थी। इस बीच 35वें मिनट में ज्योति को रेफरी ने ग्रीन कार्ड दिखा दिया। उनका सस्पेंशन दो मिनट बाद खत्म हुआ। वहीं, इंग्लैंड ने लगातार भारतीय गोल पर हमला जारी रखा।

इंग्लैंड की ओर से सोफी हैमिल्टन के प्रयास को भारतीय डिफेंसर ने रोक लिया। लेकिन, टीस होवार्ड ने 37वें मिनट में असफल होने के बाद 40वें मिनट में शानदार फील्ड गोल कर भारत की मुश्किलों को बढ़ा दिया। भारत मैच में अब 2-0 से पिछड़ रहा था।

इस बीच, 43वें मिनट में भारत को दो पेनल्टी कॉर्नर मिले, जिसे मोनिका और गुरजीत कौर इंग्लैंड के गोलपोस्ट तक पहुंचा पाने में नाकाम रहीं। 45वें मिनट में वंदना कटारिया ने बेहतरीन फील्ड गोल करने का प्रयास किया लेकिन इंग्लिश गोलकीपर ने भारत को गोल के अंतर को कम करने का मौका नहीं दिया। इस तरह 2-0 की बढ़त के साथ तीसरा क्वार्टर भी इंग्लैंड के नाम रहा।

चौथे और अंतिम क्वार्टर में एक बार फिर से भारतीय महिलाएं आक्रामक दिखीं। सलीमा टेटे, शर्मिला देवी और मोनिका ने 48वें मिनट में एक-के-बाद एक ताबड़तोड़ शॉट लगाए लेकिन कोई भी शॉट इंग्लिश डिफेंस को पार नहीं कर सका। 49वें मिनट में शर्मिला देवी ने एक जोरदार शॉट लिया लेकिन गेंद गोल से दूर ही रह गई। वहीं, गुरजीत कौर और सोनिका भी पेनल्टी कॉर्नर के मौके को भुना नहीं सकीं।

इंग्लैंड की ओर से हैना मार्टिन ने 53वें मिनट में एक और गोल कर भारत की जीत को लगभग नामुमकिन कर दिया। भारत की ओर से मैच के आखिरी मिनट में वंदना कटारिया ने पेनल्टी कॉर्नर के एक मौके को गोल में तब्दील कर हार के अंतर को कम किया।

इस तरह भारत को पूल ए के अपने तीसरे मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ 3-1 से हार का सामना करना पड़ा।

भारतीय महिला हॉकी टीम को सेमीफाइनल में प्रवेश करने के लिए पूल ए के अपने आखिरी मुकाबले में कनाडा के खिलाफ हर हाल में जीत दर्ज करनी होगी। भारत और कनाडा के बीच 3 अगस्त, बुधवार को मैच होना निर्धारित है।

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