कॉमनवेल्थ गेम्स 2022, पुरुष हॉकी: भारतीय टीम का शानदार आगाज, घाना को 11-0 से दी करारी शिकस्त

भारत और घाना के बीच 40 साल के बाद कोई हॉकी मुकाबला खेला गया। इससे पहले साल 1975 के हॉकी विश्व कप में दोनों टीमों के बीच भिड़ंत हुई थी जहां भारतीय टीम ने 7-0 से शानदार जीत दर्ज की थी।

लेखक रौशन प्रकाश वर्मा
फोटो क्रेडिट Getty Images

राष्ट्रमंडल खेल 2022 में भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने अपने अभियान का शानदार आगाज करते हुए घाना को 11-0 के अंतर से हरा दिया। यह मुकाबला रविवार को ब्रिटेन के बर्मिंघम हॉकी और स्क्वैश सेंटर विश्वविद्यालय में खेला गया।

भारत की ओर से अभिषेक (पहले मिनट में), हरमनप्रीत सिंह (10वें, 35वें और 53वें मिनट में), शमशेर सिंह (14वें मिनट में), आकाशदीप सिंह (20वें मिनट में), जुगराज सिंह (22वें और 43वें मिनट में), नीलकांत शर्मा (38वें मिनट में), वरूण कुमार (39वें मिनट में), मंदीप सिंह (48वें मिनट में) ने गोल किया। वहीं, घाना का कोई भी खिलाड़ी गोल नहीं कर सका।

भारत और घाना के बीच खेला गया यह मुकाबला पूरी तरह से टीम इंडिया के नाम रहा। भारतीय पुरुष टीम ने शुरुआत से ही घाना पर दबाव बनाए रखा और उन्हें अपने गोल तक पहुंचने का कोई भी मौका नहीं दिया। भारतीय टीम ने पहले क्वार्टर में 3 गोल, दूसरे क्वार्टर में 2 गोल, तीसरे क्वार्टर में 4 गोल और चौथे क्वार्टर में 2 गोल दागे। जबकि, घाना की टीम मैच में कोई भी गोल करने में नाकाम रही।

भारत को पहले ही मिनट में एक पेनल्टी कॉर्नर मिला, कप्तान हरमनप्रीत सिंह के फ्लिक को घाना के गोलकीपर ने रोका लेकिन अभिषेक ने डिफ्लेक्शन के बाद गेंद को एक बार फिर से हिट कर गोलपोस्ट तक पहुंचा दिया। इसके साथ ही भारत ने 1-0 के अंतर से शुरुआती बढ़त बना ली।

पहले क्वार्टर के दूसरे मिनट में घाना को भी एक पेनल्टी कॉर्नर का मौका मिला। लेकिन, इमैनुएल अनकोमाह के प्रयास को भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने नाकाम कर दिया। 10वें मिनट में भारत को एक के बाद एक, दो पेनल्टी कॉर्नर मिले। हालांकि, हरमनप्रीत सिर्फ एक मौके को ही गोल में तब्दील कर सके। इसके बाद 14वें मिनट में शमशेर सिंह ने एक गोल कर भारतीय टीम की बढ़त को 3-0 कर दिया।

दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने अपना वर्चस्व कायम रखा और घाना को एक भी गोल करने में कामयाबी नहीं मिली। हालांकि, उन्हें तीन पेनल्टी कॉर्नर के मौके जरूर मिले। वहीं, भारत ने दूसरे क्वार्टर में 2 और गोल कर अपनी बढ़त को मजबूत किया।

दूसरे क्वार्टर में भारत की ओर से पीआर श्रीजेश की जगह गोलकीपर के तौर पर कृष्ण बहादुर पाठक को लाया गया। दूसरे क्वार्टर में भी भारतीय टीम ने घाना पर अपना दबदबा कायम रखा। 18वें और 19वें मिनट में भारत की ओर से तीन प्रयास के असफल होने के बाद आकाशदीप सिंह (20वें मिनट में) ने बेहतरीन फील्ड गोल कर घाना को 4-0 से पीछे कर दिया।

भारत की ओर से जुगराज सिंह ने 22वें मिनट में पेनल्टी स्ट्रोक से पांचवां गोल किया। इसके बाद दोनों टीमों की तरफ से कोई गोल नहीं किया गया। पहले हाफ के अंत तक भारत ने घाना के खिलाफ 5-0 की मजबूत बढ़त हासिल कर ली थी, जबकि घाना मैच में वापसी के लिए संघर्ष कर रहा था।

तीसरे क्वार्टर में भारतीय गोलकीपर पीआर श्रीजेश ने एक बार फिर से मैदान पर वापसी की। इस क्वार्टर में भी घाना गोल के लिए संघर्ष करता हुआ नजर आया। हालांकि, भारत की ओर से एक और गोल कप्तान हरमनप्रीत सिंह (35वें मिनट में) ने पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से किया। 37वें मिनट में भारत की बढ़त 7-0 की हो जाती लेकिन शमशेर सिंह का शॉट गोल तक नहीं पहुंच सका।

लेकिन, इसके तुरंत बाद नीलकांत शर्मा (38वें मिनट में) और वरूण कुमार (39वें मिनट में) ने लगातार दो गोल कर घाना की टीम पर दबाव बढ़ा दिया। नीलकांत ने फील्ड गोल जबकि वरूण ने पेनल्टी कॉर्नर के माध्यम से गोल किया। तीसरे क्वार्टर के खत्म होने से दो मिनट पहले 43वें मिनट में जुगराज सिंह ने एक पेनल्टी कॉर्नर के मौके को गोल में तब्दील कर घाना की मैच में वापसी के लगभग सभी रास्ते बंद कर दिए। तीन क्वार्टर के बाद भारत ने 9-0 की बड़ी बढ़त हासिल कर ली थी।

चौथे और अंतिम क्वार्टर में भी घाना की टीम भारत के गोल के आस-पास नहीं आ सकी। घाना के तमाम प्रयास असफल रहे और वो मैच में वापसी नहीं कर सकी। जबकि, भारत की ओर से चौथे क्वार्टर में भी 2 गोल दागे गए। मैच के 48वें मिनट में

मंदीप सिंह ने एक शानदार गोल किया और भारत की बढ़त दहाई के आंकड़े में पहुंच गई। इसके बाद 53वें मिनट में भारतीय कप्तान ने पेनल्टी कॉर्नर के एक और मौके को गोल में बदल दिया। इस गोल के साथ ही हरमनप्रीत सिंह ने मैच में अपना हैट्रिक पूरा किया। मैच में इसके बाद कोई गोल नहीं हुआ।

इस तरह भारत ने मुकाबले में गोल की बारिश करते हुए अपने अभियान का शानदार आगाज किया और 11-0 से जीत दर्ज की।

दो बार के रजत पदक विजेता भारत का सामना सोमवार को दुनिया के छठे नंबर की टीम इंग्लैंड से होगा, जिसने 2018 में भारत को कांस्य पदक से वंचित किया था। इसके बाद भारतीय टीम बुधवार को कनाडा और गुरुवार को वेल्स के खिलाफ खेलेगी।

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