बॉक्सर जमुना बोरो ने एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में सफलता पर गड़ाई नजर   

बोरो, शिव थापा और ओलंपिक पदक विजेता लवलीना बोरगोहेन जैसे मुक्केबाज देने वाले असम की रहने वाली हैं। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा

*जमुना बोरो (Jamuna Boro) *का करियर उतार-चढ़ाव भरा रहा है। 2019 विश्व चैम्पियनशिप में कांस्य पदक जीतने के बाद कंधे की चोट के कारण उन्हें साइडलाइन होना पड़ा। इस कारण उन्हें ऑपरेशन कराना पड़ा और उनकी पुनर्वास प्रक्रिया के दौरान कोविड-19 महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लागू हो गया। 

24 वर्षीय ने हाल ही में सम्पन्न हुई राष्ट्रीय चैंपियनशिप की 54 किग्रा वर्ग में कांस्य पदक जीतकर खेल में वापसी की उद्घोषणा की।  

उन्होंने इंडियन एक्सप्रेस से कहा, "लंबे समय के बाद, विशेष रूप से अपनी चोट से उबरने के बाद एक्शन में लौटना बहुत अच्छा लगता है। पूरे टूर्नामेंट में, जिस तरह से आगे बढ़ी, उससे मैं खुश थी। मैं इस कांस्य पदक पर खुद को गढ़कर भविष्य के टूर्नामेंट के लिए तैयार होना चाहती हूं।" 

"मुक्केबाजी महासंघ द्वारा मुहैया कराए गए फिजियोथेरेपिस्ट द्वारा मेरी पुनर्वास प्रक्रिया ऑनलाइन की गई थी। मैंने प्रोटोकॉल की पालना करते हुए एक्सरसाइज की और वीडियो कॉल के माध्यम से उनसे बात की। लॉकडाउन के कारण यह मेरे लिए कठिन था, लेकिन मुझे यह सब खुद करना पड़ा। मैं और मैं इसी तरह से ठीक हो सकती थी।"

असम राज्य के ढेकियाजुली में पली-बढ़ी बोरो को बॉक्सिंग का कोई अनुभव था। हालांकि, कम उम्र से ही वह वुशु खेलती थीं, जो एक मार्शल-आर्ट खेल, जिसने उसे त्वरित सजगता प्रदान की। 2009 में उन्होंने एक ट्रायल में सफल होने के बाद भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) सुविधाओं में से एक में प्रवेश लेकर पेशेवर मुक्केबाजी का प्रशिक्षण शुरू किया। 

"मुक्केबाजी को चुनने के बाद मुझे खेल के बारे में और मैरी कॉम, विजेंदर सिंह, शिव थापा जैसे वरिष्ठ मुक्केबाजों के बारे में और अधिक जानने को मिला। उन्होंने मुझे प्रेरित किया और मुझे विश्वास दिलाया कि अगर, मैं एक पेशेवर एथलीट बनना चाहती हूं, तो यह खेल मेरे लिए बेहतर होगा

बोरो ने 2024 के पेरिस ओलंपिक पर अपनी नजरें गड़ाई हैं और अपने ओलंपिक सपने को पूरा करने में कोई कसर नहीं छोड़ रही हैं। ।" 

उन्होंने निष्कर्ष निकालते हुए कहा, "पेरिस ओलंपिक के लिए हमारी तैयारी शुरू हो चुकी है। मुझे राष्ट्रमंडल खेलों, एशियाई खेलों जैसे आगामी टूर्नामेंटों के दौरान अच्छा प्रदर्शन करने की उम्मीद है। वास्तव में, इन टूर्नामेंटों में जीतना महत्वपूर्ण है। वर्तमान में मेरा ध्यान केवल 2024 पर है और मैं इसके अनुसार खुद को तैयार कर रही हूं। ताकि, मैं अगले ओलंपिक में प्रतिस्पर्धा कर सकूं।"

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