टोक्यो 2020 से लौटने के बाद बजरंग पूनिया ने कराई MRI

65 किग्रा भारवर्ग के पहलवान ने टोक्यो 2020 में अपने पहले ओलंपिक में कांस्य पदक जीता था।

लेखक दिनेश चंद शर्मा

टोक्यो 2020 के कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) ने ओलंपिक खेलों से भारत लौटने के बाद MRI स्कैन कराया। बुधवार को आने वाली स्कैन की रिपोर्ट ही उनकी आगे की योजना तय करेगी।

27 वर्षीय ने द न्यू इंडियन एक्सप्रेस को बताया, "मुझे चलने में कोई समस्या नहीं है, लेकिन दर्द हो रहा है। आज (मंगलवार) MRI स्कैन किया गया और मैं रिपोर्ट का इंतजार कर रहा हूं।"

65 किग्रा भारवर्ग के पहलवान का इस साल जून में रूस के अली अलीयेव टूर्नामेंट के सेमीफाइनल में दाहिना घुटना चोटिल हो गया था। इस कारण उन्हें टोक्यो 2020 से पहले करीब 25 दिनों तक मैट ट्रेनिंग से दूर रहना पड़ा था।

पूनिया को पोडियम पर स्थान हासिल करने के लिए टोक्यो 2020 में दर्द से संघर्ष करना पड़ा। उन्होंने शुरुआती मुकाबलों के दौरान अपने पैर में एक पट्टी लगाई थी, ताकि चोट ज्यादा न बढ़े।

ताकुतो ओटोगुरो, हाजी अलीयेव, गडज़िमुराद रशीदोव और बजरंग पुनिया अपने टोक्यो 2020 पदक के साथ।
फोटो क्रेडिट NAOMI BAKER/GETTY IMAGES

हालांकि, पूनिया ने खुलकर लड़ने के लिए बिना स्ट्रेपिंग के कांस्य पदक के मुकाबले में प्रवेश करने का फैसला किया और वह अपना लक्ष्य हासिल करने में सफल रहे। उन्होंने प्रतियोगिता में कजाकिस्तान के दौलेट नियाज़बेकोव (Daulet Niyazbekov) को 8-0 से हराया।

2 से 10 अक्टूबर तक नॉर्वे के ओस्लो में होने वाली विश्व चैंपियनशिप में उनकी उपस्थिति MRI रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। क्योंकि, वह पूरी तरह से फिट नहीं होने की स्थिति में चोट का जोखिम उठाने को तैयार नहीं हैं।

पुनिया ने कहा, "भागीदारी (विश्व चैंपियनशिप में) रिपोर्ट पर निर्भर करती है।"

मार्की इवेंट के लिए चयन ट्रायल 31 अगस्त को नई दिल्ली के IG स्टेडियम में होगा। फ्रीस्टाइल, ग्रीको-रोमन और महिला कुश्ती के लिए ट्रायल होंगे और 2020 सीनियर नेशनल चैंपियनशिप के पदक विजेता इसके लिए पात्र होंगे।