धीमी शुरुआत और कमजोर लैग डिफेंस बजरंग पूनिया की कमजोरी  

ओलंपिक से पहले इस दिग्गज पहलवान ने किया है इन दोनों पहलुओं पर काम 

लेखक दिनेश चंद शर्मा

2018 में जब भारतीय पहलवान बजरंग पूनिया (Bajrang Punia) ने एमज़ारियोस बेंटिनिडिस (Emzarios Bentinidis) को अपने निजी कोच के रूप में चुना, तो प्रशिक्षक को अपने शिष्य की कमियों के बारे में अच्छी तरह से पता था। उन्होंने उन पर काम किया और 2018 में ऐसा दौर आया, जब पहलवान अपराजित दिखे और उनकी कार्यप्रणाली की बदौलत दुनिया में नंबर 1 बन गए।

जब तक उन्होंने बुडापेस्ट में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में जापान के ताकुतो ओटोगुरो (Takuto Otoguro) और न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'ग्रैपल एट द गार्डन- बीट द स्ट्रीट्स' इवेंट में यूनाइटेड स्टेट्स के यियानी डायकोमिहालिस (Yianni Diakomihalis) का सामना नहीं किया, तब तक सब ठीक था।

खैर, उन्होंने बुडापेस्ट में यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में जापान के ताकुतो ओटोगुरो और न्यूयॉर्क के मैडिसन स्क्वायर गार्डन में आयोजित 'ग्रैपल एट द गार्डन - बीट द स्ट्रीट्स' इवेंट में यूनाइटेड स्टेट्स के यियानी डायकोमिहालिस का सामना नहीं किया है।

ओटोगुरो और डायकोमिहालिस दोनों ही युवा और आक्रामक थे, जिन्होंने पूनिया के ऊपरी शरीर की ताकत को झेला और सिंगल लेग टेकडाउन के लिए धैर्य दिखाया। हरियाणा में जन्मे इस पहलवान के पास उनकी रणनीति को नाकाम करने के लिए कोई जवाब नहीं था।

फरवरी, 2020 में पूनिया और ओटोगुरो एक बार फिर नई दिल्ली में एशियाई चैम्पियनशिप के फाइनल में आमने—सामने हुए। भारतीय पहलवान बेहतर तरीके से तैयार था, लेकिन इस बार भी वो अपने प्रतिद्वंद्वी के लो-सिंगल अटैक से लड़खड़ा गए।

65 किग्रा भारवर्ग के पहलवान ने हार स्वीकार करने के बाद कहा, “पिछली विश्व चैम्पियनशिप बाउट (2018) में मैंने शुरुआत में कई अंक दिए थे। इसलिए, इस मुकाबले में कोच ने फैसला लिया कि हमें कैसे खेलना है। पहले तीन मिनट तक मेरा मुकाबला अच्छा चल रहा था और स्कोर 3-2 था। इसके बाद मैं लेग अटैक का बचाव नहीं कर सका। उसने अच्छा हमला किया और अंक हासिल किए।” 

कमजोरी खुलकर सामने आ गई थी और विरोधी द्वारा इसका फायदा उठाने के लिए खुला हुआ था।

ओटोगुरो ने स्वर्ण पदक जीतने के बाद UWW को बताया, "जब मैंने लो सिंगल लैग के लिए प्रहार किया, तो उनके (बजरंग पूनिया के) पैर में पसीना आ रहा था। इसलिए, मैं उनके जूते को पकड़ा, ताकि फिसल न जाऊं।"

हाल ही में अल्माटी में इस जोड़ी ने एशियाई चैम्पियनशिप के 2021 संस्करण में एक बार फिर से मुकाबला किया होता। लेकिन, पूनिया ने कोहनी की चोट का हवाला देते हुए फाइनल से पहले अपना नाम वापस ले लिया। यह चोट उन्हें कोरियाई योंगसेओक (Yongseok) के खिलाफ क्वार्टर फाइनल मुकाबले के दौरान लगी थी।

बजरंग ने कहा, "जब मैं कोरियाई को खींच रहा था, तो मेरी दाहिनी कोहनी में दर्द फिर से उभर आया। यह कोहनी विश्व चैंपियनशिप के दौरान चोटिल हो गई थी। कोचों ने सलाह दी कि मुझे ओलंपिक के इतने करीब आने पर जोखिम नहीं उठाना चाहिए, इसलिए मैं टूर्नामेंअ से हट गया।” 

चोट के ठीक होने के बाद उन्होंने कर्नाटक के इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट में ट्रेनिंग शुरू की। उन्होंने पोलैंड में रैंकिंग सीरीज़ को छोड़ने का फैसला किया और इसके बजाय रूस के व्लादिकाव्काज़ की यात्रा की, जहां उन्होंने अत्यधिक कुशल और असाधारण अभ्यास साथियों के साथ प्रशिक्षण लिया। कुश्ती केंद्र ने सोसलान रोमानोव (65 किग्रा), 70 किग्रा भारवर्ग के विश्व चैंपियन डेविड बेव और ज़ौरबेक सिदाकोव (74 किग्रा) सहित कई ओलंपिक चैंपियन तैयार किए हैं।

प्रशिक्षण ज्यादातर मैट पर कार्य क्षमता और नए जवाबी हमलों की तकनीकों को अपनाने पर केंद्रित था, जो उन्हें टोक्यो में अपने पैर का बचाव करने में मदद करेगा।

ओटोगुरो भी सबसे बड़े मंच पर पूनिया का सामना करने की संभावना से खुश होंगे। क्या पूनिया और मजबूत होकर उभर सकते हैं और उन्हें हरा सकते हैं, जहां यह सबसे ज्यादा मायने रखता है? क्यों पूरी दुनिया देख रही होगी।

टोक्यो 2020 में कब एक्शन में नजर आएंगे बजरंग पुनिया ?

बजरंग पुनिया शुक्रवार 6 अगस्त को मैट पर कदम रखेंगे।