अभिषेक वर्मा ने 2022 एशियाई खेलों की सफलता के लिए अपने अनुभव का उठाएंगे फायदा

अनुभवी भारतीय कंपाउंड तीरंदाज ने अगले साल महाद्वीपीय खेलों में तीनों स्पर्धाओं में पोडियम फिनिश हासिल करने का लक्ष्य रखा है। 

लेखक दिनेश चंद शर्मा
फोटो क्रेडिट 2018 World Archery Federation

अनुभवी भारतीय कंपाउंड तीरंदाज अभिषेक वर्मा (Abhishek Verma) 2022 एशियाई खेलों में अपना सर्वश्रेष्ठ परिणाम दर्ज करने के अपने अनुभव पर भरोसा कर रहे हैं। कॉन्टिनेंटल शोपीस इवेंट में उन्होंने तीन पदक हासिल किए हैं, जिसमें टीम और व्यक्तिगत स्पर्धाओं में एक स्वर्ण और दो रजत शामिल हैं। 

यह भी उल्लेखनीय है कि उन्होंने एशियाई खेलों के पिछले संस्करणों में पोडियम फिनिश हासिल करके अपनी निरंतरता बनाए रखी है। अब 32 वर्षीय हर अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय प्रतियोगिता में अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए कृत संकल्पित हैं। मार्की इवेंट से पहले आत्मविश्वास हासिल करने के लिए, वो इसमें अपने उल्लेखनीय अनुभव को शामिल करेंगे। 

अर्जुन पुरस्कार विजेता ने हाल ही में 2021 विश्व चैंपियनशिप में मिश्रित टीम स्पर्धा में ज्योति सुरेखा वेन्नम (Jyothi Surekha Vennam) के साथ रजत पदक जीता था। हालांकि, वह पुरुषों की व्यक्तिगत स्पर्धा के क्वार्टर फाइनल में अमेरिका के संभावित रजत पदक विजेता ब्रैडेन गेलेनथिएन (Braden Gellenthien) से हारकर बाहर हो गए थे।

वर्मा ने Olympics.com को बताया, “कोविड-19 के बाद यह मेरे लिए एक अच्छा प्रदर्शन था। मैं उन लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम हो रहा हूं, जो मैंने खुद के लिए तय किए हैं और हम (एक टीम के रूप में) आगामी टूर्नामेंटों के लिए लय जारी रखेंगे, ताकि 2022 एशियाई खेलों में हमारा आत्मविश्वास बना रह सके।"  

उन्होंने कहा, "मेरे लिए पहली प्राथमिकता एशियाई खेल है। मेरा मानना है कि मैं तीनों स्पर्धाओं में पदक जीत सकता हूं। कई बार हम 150 में से 150 का स्कोर करते हैं और फिर भी हार जाते हैं और कभी-कभी हम 140 अंकों के साथ जीत जाते हैं। यह सब कुछ मौसम की स्थिति और हमारे आसपास के दबाव पर निर्भर करता है।" 

अमेरिका में विश्व चैम्पियनशिप में उपस्थिति के बाद, वर्मा ने राष्ट्रीय चैंपियनशिप की पुरुष टीम स्पर्धा में अपनी दिल्ली टीम को फाइनल में आंध्र प्रदेश की युवा टीम पर 230-227 से जीत दिलाने में नेतृत्व किया। 

विश्व कप के स्वर्ण पदक विजेता राष्ट्रीय स्पर्धाओं को मार्की स्पर्धाओं में सफलता के लिए एक कदम के रूप में देखते हैं। 

वर्मा ने कहा, "मैं अंतरराष्ट्रीय और राष्ट्रीय आयोजनों को एक ही तरह से देखता हूं। हमें एक ही माहौल मिलता है। अगर, हम छोटे आयोजनों में अच्छा प्रदर्शन करते रहे, तो हम बड़े आयोजनों के लिए खुद का लक्ष्य निर्धारित कर सकते हैं। हालांकि, नेशनल हमारे लिए कोई छोटा आयोजन नहीं है। क्योंकि, देशभर से तीरंदाज खुद को साबित करने के लिए यहां आते हैं।" 

उनका अगला लक्ष्य बांग्लादेश में 13 नवंबर से शुरू होने वाली एशियाई चैंपियनशिप में लय बनाए रखना है। वह भारत को कंपांउड तीरंदाजी में एक प्रमुख ताकत के रूप में उभरने में मदद करने के लिए भी केंद्रित हैं। 

वर्मा ने कहा, "यह मेरी पांचवीं एशियाई चैंपियनशिप होगी। विचार आगामी स्पर्धा में अपनी गति बनाए रखना और अन्य देशों पर अपना दबदबा दिखाते हुए दबाव बनाना जारी रखना है। इससे हमें अगले साल एशियाई खेलों में अच्छा प्रदर्शन करने में मदद मिलेगी।" . 

इसके अलावा, आयकर निरीक्षक भी उभरते सितारों को तीरंदाजी में दो दशकों से अधिक के अपने ज्ञान को प्रदान करने के लिए दृढ़ संकल्पित हैं और सभी बाधाओं के बावजूद उन्हें आगे बढ़ने में मदद करना चाहते हैं।

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