अनास्तासिया पैगोनिस: अंधकार से निकलकर मार्गदर्शक बनने की राह पर

17 वर्षीय अनास्तासिया पैगोनिस ने 14 साल की उम्र में अपनी आंखों की रोशनी पूरी तरह से खो दी थी। उन्हें अपने गाइड डॉग रडार की मदद से नई स्वतंत्रता हासिल करने में मदद मिली, जिसने उन्हें जीवन के प्रति लगाव को बढ़ाने में मदद की। आखिरकार वह अपने पहले पैरालंपिक खेलों में हिस्सा ले सकीं।

फोटो क्रेडिट 2021 Getty Images

भले ही अनास्तासिया पैगोनिस महज़ 17 साल की हैं, लेकिन वह हर मायने में अपने जीवन में बेहतर कर रही हैं।

जून में हुए पैरालंपिक तैराकी ट्रायल में उन्होंने S11 400 मीटर फ्रीस्टाइल में दो बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ा।

पहली बार प्रारंभिक दौर में, और फिर फाइनल में 4:56.16 समय के साथ नया रिकॉर्ड बनाया।

लेकिन पूल में एकबार फिर से खुशी हासिल करना पैगोनिस के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहा।

उन्होंने Olympics.com को बताया, "पहली बार जब मैं [वापस] पानी में गई, तो मैं रो रही थी और मैंने अपनी माँ से कहा कि मैं फिर कभी ऐसा नहीं करना चाहती।"

"और फिर अगले दिन मैंने उनसे कहा, 'माँ, क्या हम पूल में वापस जा सकते हैं और फिर से कोशिश कर सकते हैं?”

पैगोनिस के लिए फिर से तैरना काफी अच्छा साबित हुआ है। यह एक ऐसी जगह जहां वह स्वतंत्र महसूस करती हैं, और इससे उनके लगाव को बढ़ाने में उनकी मदद करने के लिए कई कारण हैं।

अपने गाइड डॉग की मदद से फिर से जिंदगी से बढ़ा लगाव

जब अनास्तासिया पैगोनिस नौ साल की थीं, तो उनको महसूस हुआ कि उनकी आंखों में कुछ दिक्कत हो रही है।

जब वह 11 वर्ष की हुईं तो ऑटोइम्यून रेटिनोपैथी के परिणामस्वरूप उनकी आंखों की रोशनी तेज़ी से जाने लगी।

और 14 साल की उम्र में पैगोनिस ने अपनी दृष्टि पूरी तरह से खो दी।

अब 17 वर्षीय खुद को किसी अंधकार में महसूस कर रही थी। उसने अपने सभी सपनों को पीछे छोड़ दिया, क्योंकि वह बिस्तर से बाहर निकलने और आंखों की रोशनी न होने की वजह से जीवन में काफी संघर्ष कर रही थी।

पैगोनिस ने Olympics.com को बताया, "मैं बहुत ही ज्यादा डिप्रेशन में चली गई और अपनी ही जान लेने की कोशिश करने लगी। मुझे बहुत ज्यादा चिंता, डिप्रेशन और PTSD था, जिससे उबर पाना बहुत मुश्किल था।”

लेकिन उनके पालतू कुत्ते रहार ने उनको राह दिखाई और उसी ने पैगोनिस की मानसिकता को बदल दिया। यही नहीं उसकी वजह से उन्हें फिर से उन चीज़ों में दिलचस्पी बढ़ी, जिसे वह खो चुकी थीं।

उन्होंने एनबीसी न्यूज को बताया, "उसने मेरी जिंदगी बदल दी।"

"उसके आने से पहले मेरे पास न ही स्वतंत्रता थी और न ही किसी तरह की आज़ादी, और अब जब वह मेरे पास है तो मैं बिल्कुल एक अलग इंसान की तरह महसूस करती हूं।"

अब दोनों ही एक-दूसरे का साथ नहीं छोड़ते हैं। उसकी वजह से पैगोनिस का न केवल तैराकी से, बल्कि अपने जीवन से भी लगाव बढ़ गया।

तैराकी में सफलता

तैराकी के प्रति अपने लगाव को जानने के बाद पैगोनिस की मानसिकता प्रतिस्पर्धी तैराकी में होने लगी।

हालांकि, उनके दिमाग में शुरुआत में पैरालंपिक खेलों के बारे में कुछ भी नहीं था, लेकिन एक बार फिर से प्रशिक्षण शुरू करने के बाद वह एक वास्तविक संभावना के रूप में उभरीं।

उन्होंने स्पोर्ट्स इलस्ट्रेटेड को बताया, “मैं जूनियर ओलंपिक और सिल्वर्स जैसी यूएसए की तैराकी प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले रही थी।"

"और फिर हमने पैरालंपिक खेलों के बारे में सोचा, और मैंने सोचा 'वाह, मैं तो इसके होने के बेहद करीब हूं, शायद मैं इससे अपना करियर बना सकती हूं।"

पैगोनिस ने ऑस्ट्रेलिया में 2020 वर्ल्ड सीरीज़ में वर्ल्ड पैरा स्विमिंग में डेब्यू किया और S11 400 मीटर फ्रीस्टाइल में स्वर्ण जीतकर अपनी उम्मीदों पर खरी उतरीं।

नेत्रहीन लोगों की धारणा को बदलने के लिए कर रहीं सोशल मीडिया का उपयोग

इसके बाद उन्होंने पूल में अपने प्रदर्शन को सुधारना जारी रखा। नतीजतन हाल ही में पैरालंपिक ट्रायल्स में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए उन्होंने दो बार विश्व रिकॉर्ड तोड़ा।

इसके बाद 17 वर्षीय इस तैराक को लगा कि वह अपनी फॉर्म को बरकरार रखते हुए टोक्यो में भी गोल्ड जीत सकती है।

जब पैगोनिस प्रशिक्षण या प्रतिस्पर्धा नहीं कर रही होती हैं, तो वह अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का उपयोग दूसरों नेत्रहीन लोगों को दुनिया को नए तरीके से देखने में मदद करती हैं।

अपने प्रशिक्षण और जिंदगी के अन्य अहम पहलुओं में व्यस्त होने के अलावा वह अन्य युवाओं के लिए एक आदर्श बन गई हैं।

उन्होंने Olympics.com को बताया, “लोगों के द्वारा भेजा गया सबसे अच्छा मैसेज वह था जिसमें कहा गया कि जब मुझे लोग परेशान कर रहे थे तब आपने वास्तव में मेरा जीवन बदल दिया। या वो नेत्रहीन लोग जिन्होंने कहा कि मैंने वास्तव में उनकी मदद की है।”

"या वे लड़कियां, जिन्हें हाई स्कूल में परेशान किया जाता है, क्योंकि मैं ऐसी मुश्किलों का कई बार सामना कर चुकी हूं तो मैं इस मामले में उनकी हर संभव मदद करती हूं और यह सुनिश्चित करती हूं कि उन्हें यह लगे कि वे अकेली नहीं हैं। क्योंकि यह बात बहुत मायने रखती है।"

खासतौर से टिकटॉक और इंस्टाग्राम के जरिए यह युवा तैराक लाखों लोगों तक पहुंच चुकी है और आगे भी उन्हें अपने तरीकों से शिक्षित करने में मदद करना चाहती है।

पैगोनिस ने कहा, “एक सवाल जो मुझे सबसे ज्यादा परेशान करता है वह यह है कि जब लोग पूछते हैं कि ‘आप नेत्रहीन नहीं दिखती हैं।' इसपर मैं हमेशा यही सवाल करती हूं कि अंधा कैसा दिखता है?”

"मुझे खेद है कि आप नेत्रहीन लोगों के बारे में ऐसे सोचते हैं और मैं इस सोच को बदल नहीं सकती। मैं अपना मेकअप नहीं कर सकती और मैं अपने बाल नहीं बना सकती और इससे भी बड़ी बात की मैं एक पेशेवर एथलीट नहीं बन सकती।”

"मुझे खेद है कि आप ऐसा सोचते हैं, लेकिन मैं ऐसे सभी लोगों को दिखाना चाहती हूं कि हां, मैं भी कर सकती हूं।"

पैगोनिस सोशल मीडिया के साथ ही साथ पूल में भी कमाल कर रही हैं। लेकिन अब वह पूरी तरह से इस बात पर ध्यान केंद्रित कर रही है कि वह पूल में और क्या कमाल कर सकती हैं, क्योंकि वह अपने ‘बड़े सपनों’ में से एक को जी रही हैं।

ओलंपिक जाएं। यह सब पायें।

मुफ्त लाइव खेल आयोजन | सीरीज़ के लिए असीमित एक्सेस | ओलंपिक के बेमिसाल समाचार और हाइलाइट्स
यहां साइन अप करें यहां साइन अप करें