शीतकालीन ओलंपिक में भारतीय इतिहास की वो 10 बातें जिन्हें आप नहीं जानते होंगे

इंसब्रुक 1964 से लेकर प्योंगचांग 2018 तक कई भारतीय एथलीटों ने ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। आइए हम आपको बताते हैं भारतीय शीतकालीन ओलंपिक खेलों के इतिहास से जुड़ी वो 10 अहम बातें जो शायद आप नहीं जानते होंगे।

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शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भारत का इतिहास ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों की तरह ऐतिहासिक विरासत वाला तो नहीं रहा है लेकिन खेलों के इस महाकुंभ में कई मौकों पर भारत ने अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है। 

इंसब्रुक 1964 से लेकर प्योंगचांग 2018 तक कई भारतीय एथलीटों ने ओलंपिक खेलों में देश का प्रतिनिधित्व किया है। आइए हम आपको बताते हैं भारतीय शीतकालीन ओलंपिक खेलों के इतिहास से जुड़ी वे 10 अहम बातें जो शायद आप नहीं जानते होंगे।

Arif Mohammed Khan
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1.

शीतकालीन ओलंपिक में पदार्पण के लिए 40 साल का इंतजार

1924 में फ्रांस के शहर शैमॉनिक्स ने पहले शीतकालीन ओलंपिक खेलों की मेजबानी की थी लेकिन भारत को इस महा आयोजन में शिरकत करने में 40 साल का लंबा समय लग गया। भारत ने 29 जनवरी से 9 फरवरी 1964 तक ऑस्ट्रिया के इंसब्रुक में आयोजित शीतकालीन ओलंपिक में पहली बार हिस्सा लिया था। भारत ने ग्रीष्मकालीन ओलंपिक खेलों में पहली बार 1900 में भाग लिया था लेकिन शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भाग लेने के लिए भारत को साल 1964 तक का इंतजार करना पड़ा।

1964 Winter Olympics

2.

पोलिश मूल के थे भारत के पहले शीतकालीन ओलंपियन

Jeremy Bujakowski भारत के पहले शीतकालीन ओलंपियन थे। उन्होंने अल्पाइन स्कीइंग प्रतियोगिता की पुरुषों की डाउनहिल स्पर्धा में भाग लिया था। हालांकि वह अपनी रेस पूरी करने में असफल रहे। तब Bujakowski 24 वर्ष के थे और उनका जन्म पोलैंड में हुआ था। उन्होंने भारतीय नागरिकता तब हासिल की जब उनका परिवार 1940 के दशक के अंत में भारत आकर बस गया। बाद में अमेरिका में Bujakowski ने प्रशिक्षण हासिल किया जहां उन्होंने डेनवर विश्वविद्यालय में शिक्षा भी प्राप्त की।

इस एथलीट ने आगे चलकर 1968 शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया। तब उन्होंने तीन स्पर्धाओं में हिस्सा लिया। उन्होंने पुरुषों के डाउनहिल, स्लैलोम और जाइंट स्लैलोम स्पर्धा में हिस्सा लिया।

1988 Winter Olympic Games

3.

शीतकालीन ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाली पहली भारतीय महिला

कनाडा में आयोजित 1988 के शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भारत ने इतिहास रचा। 20 वर्षों बाद भारत ने शीतकालीन खेलों में हिस्सा लिया और इसके साथ ही महिला स्कीयर Shailaja Kumar ने अपना नाम सुनहरे अक्षरों में दर्ज करा दिया। वह शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भारत के लिए प्रतिस्पर्धा करने वाली पहली महिला बनीं। अपने पहले ही ओलंपिक में हिस्सा लेने के बावजूद Shailaja Kumar ने काफी प्रभावित किया और वह महिला स्लैलोम में 22वें स्थान पर रहीं।

18 साल बाद भारत के लिए शीतकालीन खेलों में प्रतिस्पर्धा करने वाली Neha Ahuja ने इटली में 2006 के शीतकालीन ओलंपिक में महिलाओं के स्लैलोम और जाइंट स्लैलोम स्पर्धाओं में भाग लिया था। वह सबसे कम क्वालिफिकेशन स्टैंडर्ड को पूरा करके शीतकालीन ओलंपिक के लिए क्वालीफाई करने वाली पहली भारतीय महिला हैं।

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4.

शीतकालीन ओलंपिक में 6 बार हिस्सा लेने वाले भारतीय एथलीट

हिमाचल प्रदेश के मनाली में जन्मे Shiva Keshavan भारतीय शीतकालीन ओलंपिक इतिहास के सबसे बड़े सितारे रहे हैं। उन्होंने छह बार शीतकालीन ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेकर एक खास उपलब्धि हासिल की है।

ल्यूज एथलीट Shiva Keshavan ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन बहुत कम आयु में ही कर दिया था। उन्होंने महज 16 साल की उम्र में अपने जीवन के पहले शीतकालीन ओलंपिक खेलों (1998 नागानो) में हिस्सा लिया था।

Keshavan ने 1998, 2002, 2006, 2010, 2014 और 2018 में हिस्सा लिया। उन्होंने पिछले शीतकालीन ओलंपिक खेलों (प्योंगचांग 2018) में 34वां स्थान प्राप्त किया। पिछले ओलंपिक से पहले ही उन्होंने घोषणा कर दी थी कि वह उनका अंतिम ओलंपिक होगा। हालांकि Keshavan को मलाल रहा कि वे भारत के लिए ओलंपिक पदक नहीं जीत पाए।

Shiva Keshavan (2)
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5.

टोरिनो 2006 में सर्वाधिक 4 भारतीय एथलीटों ने लिया हिस्सा

शीतकालीन ओलंपिक खेल टोरिनो 2006 में भारत के चार एथलीटों ने हिस्सा लिया। एक शीतकालीन ओलंपिक खेल में आज तक इतने सारे एथलीटों ने कभी हिस्सा नहीं लिया है। उस लिहाज से 2006 के शीतकालीन ओलंपिक खेल सबसे सफल माने जा सकते हैं। तब Neha Ahuja, Hira Lal, Bahadur Gupta और Shiva Keshavan ने भारत का प्रतिनिधित्व किया था।

Turin 2006 Winter Olympic Games
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6.

प्रतिबंध के बीच सोची 2014 में भागीदारी

सोची 2014 में भारतीय खिलाड़ी तिरंगे के बजाय अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के ध्वज तले हिस्सा लेने उतरे क्योंकि भारतीय ओलंपिक संघ (आईओए) पर प्रतिबंध लगा था।

Shiva Keshavan सहित तीन भारतीय एथलीटों ने स्वतंत्र ओलंपिक प्रतिभागियों (आईओपी) के रूप में खेलों में भाग लिया। हालांकि, आईओए के ऊपर लगा प्रतिबंध सोची खेलों के बीच में ही हटा लिया गया था, जिसके बाद भारतीय एथलीट आधिकारिक तौर पर भारतीय ध्वज का प्रतिनिधित्व कर सकते थे लेकिन Shiva Keshavan ने प्रतिबंध हटने से पहले ही अपना कार्यक्रम समाप्त कर लिया था और उनके परिणाम आईओपी के तहत दर्ज किया गया था।

7.

घाटी से निकला सितारा

कश्मीर की घाटियों की पहचान वहां के बर्फ से ढंके पहाड़ों की खूबसूरती से है और घाटियों से निकलकर एक सितारा भारत का प्रतिनिधित्व करने शीतकालीन ओलंपिक में पहुंचा। क्रॉस कंट्री स्कीयर Nadeem Iqbal ने सोची 2014 शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व किया और ऐसा करने वाले वह कश्मीर के पहले एथलीट बने।

बता दें कि ओलंपिक शीतकालीन खेलों में भाग लेने वाले कई भारतीय खिलाड़ियों का संबंध सेना से रहा है और Nadeem Iqbal उनमें से एक हैं।

क्रॉस कंट्री स्कीइंग की 15 किमी क्लासिक फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता में भाग लेते हुए Nadeem ने 85वां स्थान प्राप्त किया और उनका कुल समय 55 मिनट 12.5 सेकेंड था।

बेशक वह ओलंपिक में कोई पदक नहीं जीत पाए लेकिन उनके लिए ओलंपिक मंच पर पहुंचना ही बहुत बड़ी बात थी।

फिलहाल बीजिंग 2022 में जम्मू और कश्मीर के रहने वाले स्कीयर Arif Khan भारत का झंडा बुलंद करने उतरेंगे जो राष्ट्रीय चैंपियन रह चुके हैं।

Nadeem Iqbal
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8.

58 साल से पहले पदक का इंतजार

10 शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भागीदारी के बावजूद भारत को इस आयोजन में एक भी पदक नहीं मिला है। साल 1988 के खेलों में भाग लेने के बाद भारत ने 1994 की प्रतियोगिता को छोड़ कर हर ओलंपिक खेलों में भाग लिया है।

शीतकालीन खेलों का पहला संस्करण 1924 में फ्रांस के शैमॉनिक्स में आयोजित किया गया था।

भारत ने 1964 में पहली बार हिस्सा लिया था और अभी तक 10 संस्करणों में भाग ले चुका है।

India at Winter Olympic Games
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9.

शीतकालीन ओलंपिक में हिस्सा लेने वाले 15 भारतीय एथलीट

शीतकालीन ओलंपिक खेलों में आज तक कुल 15 भारतीय खिलाड़ियों ने भाग लिया है जबकि Arif Khan 16वें भारतीय के तौर पर शीतकालीन ओलंपिक खेलों में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगे।

शीतकालीन ओलंपिक खेलों में हिस्सा लेने वाले 15 भारतीय एथलीट -

Jeremy Bujakowski (1964, 1968), Shailaja Kumar (1988), Gul Dev (1988), Kishor Rahtna Rai (1988), Lal Chuni (1992), Nanak Chand (1992), Shiva Keshavan (1998, 2002, 2006, 2010, 2014, 2018), Neha Ahuja (2006), Hira Lal (2006), Bahadur Gupta (2006), Jamyang Namgial (2010), Tashi Lundup (2010), Himanshu Thakur (2014), Nadeem Iqbal (2014), Jagdish Singh (2018).

10.

दो अलग-अलग स्पर्धाओं के लिए सीधे क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय

Arif Khan बीजिंग 2022 में इकलौते भारतीय के तौर पर उतरेंगे लेकिन इसके साथ ही उन्होंने अपना नाम इतिहास के पन्नों में दर्ज करा लिया है।

वह स्लैलोम और जाइंट स्लैलोम में कोटा जीत चुके हैं और वह सीधे दो अलग-अलग स्पर्धाओं के लिए क्वालीफाई करने वाले पहले भारतीय बन गए हैं।

शीतकालीन ओलंपिक खेलों का आगामी संस्करण 4 से 20 फरवरी 2022 तक चीन के शहर बीजिंग में आयोजित किया जाएगा।

Arif Khan ने 2011 में दक्षिण एशियाई शीतकालीन खेलों में स्लैलोम और जाइंट स्लैलोम की दोनों स्पर्धाओं में दो स्वर्ण पदक हासिल किए हैं।

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