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भारत में सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक्स एकेडमी के बारे में पूरी जानकारी यहां जानिए

पुणे में आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट से लेकर पटियाला में नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स तक, भारत खेल सुविधाओं के मामले में किसी से पीछे नहीं है।
लेखक लक्ष्य शर्मा

सालों से भारतीय एथलीटों की सफलता का श्रेय आंशिक रूप से देश में अत्याधुनिक खेल सुविधाओं को दिया जा सकता है। भारतीय एथलीटों ने ओलंपिक, एशियन खेलों और कॉमनवेल्थ गेम्स सहित विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन किया है।

टोक्यो ओलंपिक में नीरज चोपड़ा का गोल्ड और भारतीय मेंस रिले टीम द्वारा बनाया गया एशियन  रिकॉर्ड उसी का सबूत है। यहां भारत की कुछ सर्वश्रेष्ठ एथलेटिक्स एकेडमी के बारे में बताया जा रहा है।

इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स, बल्लारी

विजयनगर (कर्नाटक) में 42 एकड़ में फैला, इंस्पायर इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट (IIS) भारत के ओलंपिक एथलीटों का घर माना जाता है। यह देश का पहला निजी रूप से वित्त पोषित उच्च-प्रदर्शन प्रशिक्षण केंद्र ( प्राइवेट-फंडेड हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर) है। रेसलिंग, बॉक्सिंग, जूडो, एथलेटिक्स और स्विमिंग सहित पांच ओलंपिक डिसिप्लिन के एथलीट अंतरराष्ट्रीय स्तर के बुनियादी ढांचे, कोचिंग और खेल विज्ञान का लाभ यहां उठा सकते हैं।

IIS 2019 जूनियर एशियन चैंपियन प्रवीण मलिक (Praveen Malik) जैसे कुछ युवा पहलवानों और 2019 एशियन कांस्य पदक विजेता निकहत ज़रीन (Nikhat Zareen) सहित मुक्केबाजों का यह एक तरह से घर है।

आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे

भारतीय सेना के 'मिशन ओलंपिक कार्यक्रम' के तहत 1 जुलाई 2001 को स्थापित, इस आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट (ASI) ने देश में स्पोर्ट्स का चेहरा पूरी तरह से बदल दिया है।

यह तीरंदाजी, एथलेटिक्स, मुक्केबाजी, डाइविंग, रेसलिंग, फेंसिंग और वेटलिफ्टिंग सहित सात ओलंपिक खेलों के लिए शानदार सेंटर है, जहां एथलीटों को विदेशी और भारतीय कोचों, फिजिकल कंडीशनर, स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट, फिजियोलॉजी, मनोविज्ञान के विशेषज्ञों की एक टीम की देखरेख में ट्रेनिंग करवाई जाती है।

स्टार बॉक्सर मैरी कॉम (Mary Kom), लवलीना बोरगोहेन (Lovlina Borgohain) और अन्य भारतीय मुक्केबाजों ने टोक्यो ओलंपिक में जाने से पहले एएसआई पुणे में प्रशिक्षण लिया था।

उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स, कोझीकोड

कोझीकोड के पास कोयिलैंडी में उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स ओलंपियन पीटी उषा द्वारा संचालित एकेडमी है। 30 एकड़ में फैली अत्याधुनिक सुविधाओं के साथ ये एकेडमी एथलीट्स को वो हर संभव सुविधा प्रदान करती है, जिसकी उन्हें जरुरत पड़ती है।

फिलहाल, स्कूल में केवल लड़कियां ही रहती और ट्रेनिंग करती हैं, पीटी उषा उनका मार्गदर्शन करती हैं। महान हर्डलर एडविन मोसेस भी इस प्रोजेक्ट्स से जुड़े हुए हैं। मध्य दूरी के धावक टिंटू लुका (Tintu Luka) और जेसी जोसेफ (Jessy Joseph) ने उषा स्कूल ऑफ एथलेटिक्स से ट्रेनिंग लेकर अपना नाम दुनिया में रोशन किया है।

अंजू बॉबी जॉर्ज स्पोर्ट्स फाउंडेशन, बेंगलुरु

अंजू बॉबी जॉर्ज स्पोर्ट्स फाउंडेशन का संचालन पूर्व भारतीय लांग जंपर अंजू बॉबी जॉर्ज (Anju Bobby George) द्वारा किया जाता है, जिसमें उनके पति रॉबर्ट बॉबी जॉर्ज (Robert Bobby George) मुख्य कोच की भूमिका निभाते हैं।

वर्ल्ड क्लास सुविधाओं और बुनियादी ढांचे के साथ एथलीटों को व्यक्तिगत प्रशिक्षण और कोचिंग पर इस फाउंडेशन का पूरा ध्यान रहता है। इसके अलावा यहां जमीनी स्तर पर भी खिलाड़ियों की प्रतिभा पहचानने का काम होता है।

इसके अलावा यहां वूमेंस एथलीट्स पर भी पूरा ध्यान दिया जाता है, खासकर जो खिलाड़ी ग्रामीण भारत से आती हैं। यूथ अंडर-18 वर्ल्ड नंबर 1 लांग जम्पर शैली सिंह (Shaili Singh) ने इसी एकेडमी की बदौलत अपने करियर में मुकाम हासिल किया है।

नेताजी सुभाष नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ स्पोर्ट्स, पटियाला

एशिया का सबसे बड़ा खेल संस्थान, NIS पटियाला भारतीय खेल का 'मक्का' माना जाता है। यहां से ऐसे कोच निकले हैं, जिन्होंने विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए राष्ट्रीय टीमों को तैयार करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

यह संस्थान 268 एकड़ में फैला हुआ है और इसमें जिम, स्विमिंग पूल, इनडोर हॉल, साइकिलिंग वेलोड्रोम, स्क्वैश कोर्ट, हॉकी फील्ड (घास और सिंथेटिक), एथलेटिक ट्रैक (सिंडर और सिंथेटिक) और आउटडोर कोर्ट जैसे सुविधाएं हैं। यहां नियमित रूप से राष्ट्रीय एथलेटिक्स चैंपियनशिप का भी आयोजन किया जाता है।

स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया, बेंगलुरु

बेंगलुरु में स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया का सेंटर ओलंपिक जैसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं से पहले एथलीटों को प्रशिक्षण देने का काम करता है। सालों से, SAI बेंगलुरु में उच्च क्षमता वाले कोच तैयार होते रहे हैं और यहां उनकी क्षमता और ज्ञान को समृद्ध करने के लिए पूरा ध्यान भी दिया जाता है।

SAI बेंगलुरु में इंडोर और आउटडोर दोनों ही सुविधाएं हैं। इसके अलावा सिंथेटिक ट्रैक, हॉकी टर्फ, स्विमिंग पूल, टेनिस क्ले कोर्ट, 9 होल गोल्फ कोर्स, कबड्डी मैट और कंडीशनिंग हॉल की सुविधा भी उपलब्ध है।

टोक्यो ओलंपिक कांस्य विजेता पुरुष हॉकी टीम और महिला हॉकी टीम जापान रवाना होने से पहले बेंगलुरु के SAI में ही ट्रेनिंग ले रही थी।