एंजेलिना नाडाई लोहालिथ के बारे में जानें, जिन्हें अपने दूसरे ओलंपिक में हिस्सा लेना है लक्ष्य

दक्षिण सूडान में जन्मी इस एथलीट को रियो 2016 में रिफ्यूजी ओलंपिक टीम के लिए चुना गया था। वो आईओसी रिफ्यूजी एथलीट स्कॉलरशिप-धारकों में से एक हैं, उन्हें साल 2021 में टोक्यो 2020 खेलों में प्रतिस्पर्धा करने की उम्मीद है।
लेखक सतीश त्रिपाठी

एंजेलिना नाडाई लोहालिथ (Anjelina Nadai Lohalith) रियो 2016 में पहली बार रिफ्यूजी ओलंपिक टीम (Refugee Olympic Team) का प्रतिनिधित्व करने वाली 10 एथलीटों में से एक थीं।

एंजेलिना नाडाई का जन्म दक्षिण सूडान में हुआ था। वो एक ट्रैक रनर हैं और ब्राजील में 1,500 मीटर इवेंट के प्रथम राउंड से आगे बढ़ने में विफल रहीं, लेकिन एक आईओसी रिफ्यूजी एथलीट स्कॉलरशिप-धारक के रूप में उन्हें इस साल 2021 में टोक्यो 2020 खेलों में एक और मौका मिलने की उम्मीद है।

बताते चलें कि उन्होंने विश्व एथलेटिक्स रिफ्यूजी टीम के हिस्से के रूप में लंदन में 2017 IAAF विश्व चैंपियनशिप में भी हिस्सा लिया। जहां उन्होंने अपना व्यक्तिगत (4: 33.54) दूरी का सर्वश्रेष्ठ रिकॉर्ड हासिल किया।

रियो में हिस्सा लेने के बाद से, अंजेलिना मां बन गई है और उन्होंने युगांडा और कनाडा की यात्रा की है। जहां उन्होंने ओटावा में वन यंग वर्ल्ड समिट में हिस्सा लिया, जो वैश्विक मुद्दों पर चर्चा करने वाले युवा नेताओं के लिए एक वैश्विक मंच है।

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साल 2002 में, मध्यम दूरी की ये धावक दक्षिण सूडान में गृहयुद्ध के बाद से अपनी चाची के साथ उत्तरी केन्या के काकुमा रिफ्यूजी कैंप में आ गईं।

उन्होंने 2016 में संयुक्त राष्ट्र रिफ्यूजी एजेंसी (UNHCR) को बताया, "सब कुछ नष्ट हो गया।"

वह तब से अपने माता-पिता से नहीं मिली हैं, और वहीं उनकी पहली प्राथमिकता ये है कि उन्हें अपने परिवार के साथ फिर से एक साथ होना है।

उन्होंने आगे कहा, "अगर मैं दूर तक जाती हूं और सफलता हासिल करती हूं तो मेरा सपना सिर्फ अपने माता-पिता की मदद करना है।"

आपको बताते चलें कि एजेलिना अपने हाई स्कूल की पढ़ाई के दौरान चलने वाली प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेती थी। वहीं, उसके बाद उन्हें केन्या की राजधानी नैरोबी के बाहर, नोंग में ट्रेनिंग के लिए टेगला लोरूप फाउंडेशन द्वारा चुना गया।

वहीं, रियो 2016 ओलंपियन भी 'स्पोर्ट एट द सर्विस ऑफ ह्यूमैनिटी' फाउंडेशन के मेंटरिंग प्रोग्राम में शामिल होने वाले युवा एथलीटों में से एक थीं।

2018 में उन्होंने ब्यूनस आयर्स में समर यूथ ओलंपिक खेलों के दौरान अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति द्वारा आयोजित 'ओलंपिक इन एक्शन फोरम' में हिस्सा लिया।