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Lovlina

लवलीना बोरगोहेन

भारत
टीमभारत
बॉक्सिंगबॉक्सिंग
ओलंपिक मेडल
1b
भाग लेना1
पहला प्रतिभागीटोक्यो 2020
जन्म का साल1997
सोशल मीडिया

बायोग्राफी

ओलंपिक, विश्व और एशियन चैंपियनशिप में पदकों के साथ, केवल चार साल के समय में भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन की सफलता शानदार रही है।

हालांकि, एक छोटे से गाँव से अंतर्राष्ट्रीय पोडियम तक की यात्रा में, युवा मुक्केबाज को चार साल से अधिक समय लगा।

2 अक्टूबर, 1997 को असम के गोलाघाट जिले के बरोमुखिया नामक एक सुदूर गांव में जन्मी लवलीना बोरगोहेन का बचपन बेहद ही साधारण गुजरा है।

लेकिन इसने लवलीना के पिता को अपने बच्चों की खेल महत्वाकांक्षाओं का समर्थन करने से नहीं रोका।

लवलीना और उनकी दो बड़ी बहनों ने मॉय थाई को अपनाया, जो किक-बॉक्सिंग का एक रूप है। उनके दोनों भाई-बहनों ने राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिस्पर्धा की है।

हालांकि लवलीना ने बॉक्सिंग में ही असली पहचान पाई।

साल 2012 में अपने स्कूल में भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI) बॉक्सिंग ट्रायल में भाग लेने के दौरान, लवलीना बोरगोहेन की प्रतिभा ने पदुम बोरो का ध्यान अपनी तरफ खींचा। आखिर में वह उनके बचपन के कोच बने।

पदुम बोरो ने Olympics.com. के साथ एक इंटरव्यू में बताया कि “मैंने उनके कुछ टेस्ट किए जैसे पंचिंग बैग, तेज पंचिंग और उन्होंने उन मापदंडों पर अच्छा प्रदर्शन किया। मुझे लगा कि उन्हें बॉक्सर बनाया जा सकता है, ”

ओलंपिक रिजल्ट

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